हरिद्वार, जनवरी 20 -- प्रयागराज में मौनी अमावस्या पर गंगा स्नान से रोके जाने को लेकर प्रशासन और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के बीच विवाद ने हरिद्वार में भी प्रतिध्वनि पैदा की। हरकी पैड़ी पर भारत साधु समाज और श्री अखंड परशुराम अखाड़ा के कार्यकर्ताओं ने सांकेतिक धरना देकर अपनी नाराजगी जताई। उन्होंने शंकराचार्य और उनके शिष्यों से दुर्व्यवहार का कड़ा विरोध किया। श्री अखंड परशुराम अखाड़ा के अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि प्रयागराज की घटना सनातन प्रेमियों के लिए चिंता का विषय है। एक ब्रह्मचारी का तप कठिनाइयों से भरा होता है। प्रशासन ने सम्मानित पीठ के शंकराचार्य का अपमान किया है। उनके ब्रह्मचारी शिष्यों की शिखा पकड़कर खींची गई। ऐसे अफसर और कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाना चाहिए। उन्होंने ऐसा न करने पर शिखा कटवाने ...
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