संभल, जनवरी 29 -- प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य के अपमान को लेकर कांग्रेस के मुनेश जोशी व विनोद साथी ने एक दिन का उपवास गांधी प्रतिमा फव्वारा चौक चंदौसी पर रखा। इस दौरान उन्होंने कहा कि शंकराचार्य सनातन के ध्वज हैं। जिस प्रकार 11 दिन धरने पर बैठकर बिना स्नान किए हुए और उनके शिष्यों को चोटी पड़कर घसीटा गया यह पीड़ा लेकर वह मेले से वापस चले गए। यह दिन इतिहास के पन्नों में काले अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। यह अपमान शंकराचार्य का नहीं बल्कि 100 करोड़ सनातनियों का है। शंकराचार्य बहुत ही कोमल हृदय के हैं। अगर उनसे माफी मांगते तो भरोसा था, कि वह शायद माफ कर देते। हिंदुओं के सर्वोच्च गुरु धर्म रक्षक शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को बिना गंगा स्नान किए लौटना पड़ रहा है। अब इससे ज्यादा क्या हिंदू खतरे में आएगा।
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