टिहरी, दिसम्बर 11 -- ज्योतिषपीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की शीतकालीन यात्रा के अंतिम पड़ाव देवप्रयाग में बदरीनाथ तीर्थपुरोहित समाज ने उनका पादुका पूजन करते हुए अभिनंदन पत्र भेंट किया। श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर के छात्र-छात्राओं व आचार्यों ने स्वस्ति वाचन से शंकराचार्य का स्वागत किया। गुरुवार को शंकराचार्य ने उत्तराखंड में सफल शीतकालीन यात्रा के लिए देवप्रयाग में मां गंगा व भगवान रघुनाथ का विशेष पूजन किया। उन्होंने कहा कि, तीर्थ पुरोहित समाज प्राचीन काल से ही विश्वभर को उत्तराखंड की यात्रा के लिए प्रेरित करता रहा है। कहा कि, भारत के 108 दिव्य क्षेत्रों में शामिल देवप्रयाग में प्रवास कर वह यहां स्थित प्रत्येक प्राचीन तीर्थ का दर्शन करेंगे। शंकराचार्य ने कहा कि, जब तक मातृशक्ति संस्कृत को नहीं अपनाती जब तक कोई बालक ...