भदोही, जून 15 -- सीतामढ़ी, हिन्दुस्तान संवाद। महत्व से जुड़ी पावन नगरी सीतामढ़ी स्थित महर्षि वाल्मीकि आश्रम में सोमवार को सोमवती अमावस्या पर्व श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। सुबह से ही बड़ी संख्या में व्रती महिलाएं आश्रम परिसर पहुंचीं और विधि-विधान से वट वृक्ष की पूजा-अर्चना कर उसकी परिक्रमा की। महिलाओं ने अपने परिवार की सुख-समृद्धि, पति की दीर्घायु और संतान के मंगलमय जीवन की कामना की। महर्षि वाल्मीकि आश्रम, जिसे लव-कुश की जन्मस्थली के रूप में भी जाना जाता है। सोमवार को श्रद्धालुओं की भीड़ से धार्मिक स्थल गुलजार रहे। व्रती महिलाओं ने स्नान-ध्यान के बाद वट वृक्ष के नीचे दीप, रोली, अक्षत, फूल और मौसमी फलों से पूजा की। यह भी पढ़ें- सोमवती अमावस्या पर क्यों की जाती है पीपल के पेड़ की परिक्रमा? जान लें तुलसी पूजन का महत्व भी इसके बाद कच्चे ...