लखनऊ, मार्च 28 -- शोध लखनऊ, संवाददाता।लखनऊ मंडल के उच्च शिक्षा संस्थानों में महिलाओं के नेतृत्व पर किए गए एक महत्वपूर्ण शोध में यह सामने आया है कि महिलाओं की कम भागीदारी का कारण उनकी योग्यता या रुचि की कमी नहीं, बल्कि संस्थागत व्यवस्थाओं की कमजोरी है। चैलेंजेस टू वूमेन्स लीडरशिप इन हायर एजुकेशन शीर्षक से तैयार यह अध्ययन डॉ. शशांक शेखर ने एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज, नई दिल्ली के सहयोग से किया है। शोध में 100 प्रतिभागियों के सर्वेक्षण के आधार पर निष्कर्ष निकाले गए हैं।अध्ययन के अनुसार 74 प्रतिशत प्रतिभागी नेतृत्व पदों पर जाना चाहते हैं, लेकिन वास्तविक प्रतिनिधित्व अभी भी कम है। केवल आठ प्रतिशत ने माना कि संस्थानों में महिलाओं का नेतृत्व पर्याप्त है। वहीं 52 प्रतिशत प्रतिभागियों का कहना है कि व्यवहार में महिलाओं को समान अवसर नहीं मिलते।...
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