मधुबनी, मार्च 15 -- मधुबनी। मिथिलांचल हरि नाम संत सम्मेलन के 82 वें अधिवेशन में रविवार को भीड़ उमड़ पड़ी। महिला श्रद्धालुओं की भीड़ अधिक थीं । अपने प्रवचन में अयोध्या स्थित श्रीराम कथा कुंज के महंत अनंत विभूषित देश के ख्यातिप्राप्त संत आचार्य श्रीरामानंद दास जी महाराज ने कहा कि सुखी जीवन के लिए व्यक्ति को भूतकाल को छोड़ना चाहिए, भविष्य का चिंतन करना चाहिए और वर्तमान में काम करना चाहिए। उन्होंने श्रीरामचरित मानस की चर्चा करते हुए कहा है कि जब सीता जी खोज के लिए सभी लोग चिंतित थे। तो बताया गया कि जानकी जी का पता वहीं लगा सकता है जो सौ योजन समुन्द्र को पार कर सके। बहुत से बानर थे। इसमें तीन प्रधान थे। जामवंत, हनुमान एवं अंगद । जामवंत ने भगवान से कहा मैं बूढ़ा हो चुका हूं। इसलिए मेरे में अब समुन्द्र पार जाने की शक्ति नहीं है। यहां जामवंत जी भूतकाल ...