गोंडा, जुलाई 20 -- गोण्डा, संवाददाता। हम सब संघ को जानते हैं। हम सब संघ में है। एक विषय है क्या हममें संघ हैं। यही अभ्यास हम संघ में करते हैं। कोई किसी की सुनना नहीं चाहता है। अगर व्यक्ति सुनने की कला जान ले तो अच्छा होगा। संघ व्यक्ति के व्यक्तित्व के निर्माण का कार्य करता है। हम मनु और सतरूपा की संतान हैं। इसलिए मनुष्य कहलाये। यह बात आरएसएस के सह प्रांत प्रचारक संजय ने एससीपीएम कालेज के धन्वंतरि सभागार में वन विहार उत्सव में स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कही । कहा कि शरीर माध्यम आलु धाम साधनं। हमारे पूर्वजों ने कहा कि हमारे शरीर में शूक्ष्म शरीर भी है। सूक्ष्म शरीर विचारों से ही बनता है। विचारों के आधार पर भी संसार का ज्ञान निहित है। हमारे लिए धरती भूमि का टुकड़ा नहीं है। यह हमारी भारत मां है। मनुष्य होने श्रेष्ठता तब है जब व श्रेष्ठ ...