आशीष त्रिवेदी, फरवरी 28 -- UP Special Intensive Revision (SIR-2026): उत्तर प्रदेश में फार्म-7 के सहारे भले ही मतदाता सूची से नाम काटे जाने के आरोप लग रहे हैं, पर अभी तक के अपडेट के मुताबिक एक भी ऐसी आपत्ति निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) के निर्णय के खिलाफ नहीं आई है। किसी ने भी शपथ पत्र देकर यह शिकायत की हो कि उसका नाम गलत काटा गया है। लगभग 5000 लोगों के नाम किसी दूसरे व्यक्ति की आपत्ति पर काटे गए हैं, लेकिन ईआरओ के निर्णय के खिलाफ किसी ने आपत्ति नहीं की है। मतदाता सूची से नाम काटे जाने पर ईआरओ के निर्णय के विरुद्ध शपथ पत्र देकर जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) व मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के यहां पर अपील की व्यवस्था है। आयोग के मुताबिक अभी तक किसी ने ईआरओ के निर्णय को चुनौती नहीं दी है। यह भी पढ़ें- यूपी में होली पर बिजली उपभोक्ताओं...
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