नई दिल्ली, जून 1 -- पानी की गुणवत्ता कई बातों पर निर्भर करती है, जैसे पानी का स्रोत, पाइपों की हालत, पानी का रख-रखाव और मौसम के उतार-चढ़ाव। नल का पानी, बोरवेल का पानी और टैंकर का पानी तीनों एक जैसे नहीं होते; खनिज-सामग्री, साफ़-सफ़ाई और प्रदूषण की आशंका के लिहाज़ से इनमें काफ़ी फ़र्क़ होता है। वॉटर प्यूरीफ़ायर कई तरह की तकनीकों और डिज़ाइनों में आते हैं, जो अलग-अलग पानी की ज़रूरतों और घर की सुविधाओं के हिसाब से बनाए गए हैं। कुछ सिस्टम शुद्धिकरण तकनीक पर ध्यान देते हैं, जैसे आरओ वॉटर प्यूरीफ़ायर या यूवी+यूएफ़ वॉटर प्यूरीफ़ायर, जबकि दूसरों में कई अतिरिक्त ख़ूबियाँ भी होती हैं, जैसे स्मार्ट मॉनिटरिंग, खनिज बढ़ाने वाली तकनीकें जैसे एक्टिव कॉपर टेक्नोलॉजी या अल्कलाइन बूस्ट, और सुविधा के लिहाज़ से बने विकल्प जैसे अंडर-काउंटर यूनिट, स्लिम डिज़ाइन...