लखनऊ, अप्रैल 14 -- दुनियाभर में मशहूर लखनवी चिकनकारी पर वैश्विक संकट गहराता जा रहा है। खाड़ी देशों में छिड़े संघर्ष ने न केवल यहां के धागों की चमक फीकी कर दी है, बल्कि निर्यात पूरी तरह ठप होने से करीब 50 करोड़ रुपये का कारोबार अधर में लटक गया है। इससे कारोबार 40 प्रतिशत तक गिर गया है। स्थिति इतनी गंभीर है कि लगभग दो हजार कारीगरों के हाथों से काम छिन गया है और वे घर बैठने को मजबूर हैं। लखनऊ से चिकन के कुर्तों और सलवार-कमीज की खाड़ी देशों विशेषकर सऊदी अरब, दुबई और कतर में जबरदस्त मांग रहती है। युद्ध छिड़ने से ठीक पहले स्थानीय उद्यमियों को बड़े ऑर्डर मिले थे। लखनऊ चिकन हैंडीक्राफ्ट एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुरेश छाबलानी बताया कि लगभग 50 करोड़ रुपये का माल तैयार होकर पैक पड़ा है, लेकिन आपूर्ति के रास्ते बंद हैं। व्यापारियों के सामने सबसे ...