गया, मई 21 -- मगध विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग में गुरुवार को "कूटनीति: विकास और अभ्यास" विषयक प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम के अंतर्गत विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। इसमें "भारत की आर्थिक कूटनीति और डब्ल्यूटीओ : एजेंडा-रिसीवर से एजेंडा-मेकर तक" विषय पर विशेषज्ञों ने विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष एवं पाठ्यक्रम संयोजक डॉ. अंजनी कुमार घोष ने की।

मुख्य वक्ता का विचार मुख्य वक्ता प्रो. प्रणव कुमार ने कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय संबंधों में आर्थिक कूटनीति सबसे प्रभावी शक्ति के रूप में उभर रही है। व्यापार, निवेश, आपूर्ति श्रृंखला और आर्थिक प्रतिबंध जैसे उपकरण अब देशों की रणनीतिक नीति का अहम हिस्सा बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि भारत अब वैश्विक एजेंडा को स्वीकार करने वाला देश नहीं रह गया है, बल्कि नीतिगत दिशा तय करने वाले देशों ...