दरभंगा, जनवरी 11 -- दरभंगा। एमएलएसएम कॉलेज में विश्व हिंदी दिवस पर हिंदी का वैश्विक परिप्रेक्ष्य विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि लनामिवि के पूर्व साइंस डीन एवं साहित्यकार प्रो. प्रेम मोहन मिश्रा ने कहा कि वैश्विक फलक पर हिन्दी निरंतर विकसित हो रही है। भारत में लगभग 60 करोड़ लोग और शेष विश्व की 20 प्रतिशत आबादी हिन्दी बोल रही है। प्रो. मिश्रा ने कहा कि हिन्दी का यह प्रसार वैश्विक क्षितिज पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा का प्रतिफल है। हिन्दी हिंदुस्तान की चेतना की सांस्कृतिक अभिव्यक्ति है। उन्होंने कहा कि विश्व में विकास तो अंग्रेजी का भी हुआ, पर हिन्दी और अंग्रेजी की विकास यात्रा में अंतर है। इतिहास साक्षी है कि विश्व के बड़े भूभाग पर अंग्रेजी थोपी गई, जबकि भारतवर्ष की वसुधैव कुटुंबकम् की अवधारणा को चरितार्थ करते हुए हिन्दी मानवतावाद...