लखनऊ, जनवरी 21 -- लखनऊ, संवाददाता। सदर के हाता रामदास में चल रही भागवत कथा के दूसरे दिन बुधवार को कथा व्यास देवेश अवस्थी (द्वारिकानाथ जी महाराज) ने कुंती स्तुति का वर्णन करते हुए कहा कि विपत्ति में भगवान को याद करना ही सच्ची भक्ति है। उन्होंने बताया कि कुंती ने भगवान श्रीकृष्ण से 'विपत्ति' का वरदान इसलिए मांगा था क्योंकि दुख में ही ईश्वर का निरंतर स्मरण होता है। सुख में मनुष्य अक्सर भगवान को भूल जाता है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल सुनने के लिए नहीं, बल्कि जीवन में उतारने के लिए है। उन्होंने कहा कि वैराग्य और भक्ति के बिना मोक्ष संभव नहीं है। इस अवसर पर कथा के संयोजक राजेंद्र कुमार पांडेय, मुख्य यजमान ब्रम्ह प्रकाश व पुष्पा अग्रवाल समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। ‌

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