रांची, फरवरी 12 -- रांची। साईं नाथ विश्वविद्यालय में हर्बल मेडिसिन पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का गुरुवार को समापन हो गया। इस दौरान देश भर से आए विशेषज्ञों और वक्ताओं ने विभिन्न तकनीकी सत्रों में हुए शोधपरक विमर्श और अकादमिक संवाद को अत्यंत ज्ञानवर्धक व सार्थक बताया। सम्मेलन के अंतिम दिन हर्बल चिकित्सा के भविष्य, नीति-निर्माण, अनुसंधान सहयोग और अकादमिक समन्वय पर विशेष चर्चा की गई। विश्वविद्यालय के कुलपति और सम्मेलन के मुख्य संरक्षक डॉ. एसपी अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि हर्बल मेडिसिन भारतीय ज्ञान परंपरा की एक बहुमूल्य वैज्ञानिक धरोहर है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आधुनिक अनुसंधान और नई तकनीक के साथ समन्वय स्थापित कर ही इसे समाज के व्यापक हित में उपयोग में लाया जा सकता है। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के नवाचार और शोध...