कुशीनगर, अप्रैल 21 -- कुशीनगर, हिन्दुस्तान टीम। कुशीनगर में नगदी फसल के रूप में पहचान रखने वाली गन्ने की खेती से भले ही कुछ किसानों ने दूरी बना ली हो, लेकिन बदलते दौर में स्मार्ट फार्मिंग और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाने वाले किसान अब नई उम्मीद की मिसाल बनकर उभर रहे हैं। तमकुहीराज क्षेत्र के माधोपुर निवासी एक किसान ने जैविक उर्वरकों का प्रयोग करके वैज्ञानिक ढंग से खेती कर प्रति एकड़ 784 कुंतल गन्ने की उपज हासिल की है। इस उपलब्धि के बाद गन्ना विभाग के जिम्मेदार किसान के पास पहुंचे और उसे राज्य स्तरीय गन्ना प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित किया। यह भी पढ़ें- यूरिया का ज्यादा इस्तेमाल गन्ने की फसल पर भारी, लागत बढ़ी साथ ही प्रतियोगिता के लिए किसान से फार्म भी भरवाया। इस पहल से जिले के अन्य किसानों में भी नई ऊर्जा और उम्मीद जगी है ...