नई दिल्ली, अक्टूबर 8 -- शैलेन्द्र सेमवाल, देहरादून उत्तराखंड में पिथौरागढ़ और धारचूला में बार-बार आने वाले भूकंपों की वजह समझने में वैज्ञानिकों को बड़ी सफलता मिली है। वैज्ञानिकों के मुताबिक पीलीभीत से पिथौरागढ़ तक जमीन के भीतर 210 किलोमीटर के दायरे में एक खास तरह का तरल पदार्थ निकल रहा है। यह भूकंप के खतरों को बढ़ा रहा है। हैदराबाद स्थित सीएसआईआर-एनजीआरआई के वैज्ञानिकों ने पीलीभीत से लेकर तिब्बत सीमा तक करीब 210 किमी लंबे क्षेत्र का अध्ययन किया है।मैग्नेटोटेल्यूरिक तकनीक से जांच यह अध्ययन अंतरराष्ट्रीय जर्नल टेक्टोनोफिजिक्स में प्रकाशित हुआ है। कुमाऊं का पिथौरागढ़ जिला भूकंप की दृष्टि से बेहद संवेदनशील है। इस साल अब तक दो मेग्नीट्यूड के 14 से अधिक भूकंप यहां आ चुके हैं। पीलीभीत से पिथौरागढ़ के बीच वैज्ञानिकों को एक ढलान या रैंप जैसा मोड़ ...