नई दिल्ली, मई 1 -- इलाहाबाद हाई कोर्ट ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को शुक्रवार को राहत देते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का निर्देश देने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। सिमरन गुप्ता नाम की एक महिला द्वारा दायर इस याचिका पर जस्टिस विक्रम डी. चौहान ने यह ऑर्डर दिया। राहुल को राहत देते हुए इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अहम टिप्प्णी की है। कोर्ट ने कहा है कि लोकतंत्र में सरकारी कार्यों की आलोचना जरूरी है और वैचारिक विरोध तथा विद्रोह भड़काने के बीच अंतर होता है। कोर्ट ने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में, सरकार के कार्यों या नीतियों की आलोचना न केवल अनुमत है, बल्कि अनिवार्य भी है। इसलिए, आलोचना या वैचारिक मतभेद अपने आप में कोई अपराध नहीं हो सकता। उक्त अपवाद भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 152 के अंतर्गत दिए गए स्पष्टीकरण से भी उत्पन्न होता ...
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