नई दिल्ली, सितम्बर 4 -- दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को उस जनहित याचिका पर सुनवाई की, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी में संविदा पर काम करने वाले करीब दो हजार सीवर कर्मचारियों को नियमित करने और काम के दौरान जान गंवाने वाले सेप्टिक टैंक कर्मचारी के परिजनों को 1 करोड़ रुपए का मुआवजा व नौकरी देने की मांग की गई है। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने दिल्ली सरकार और दिल्ली जल बोर्ड (DJB) से छह सप्ताह के अंदर जवाब देने के लिए कहा है। याचिका में कहा गया है कि ये सीवेज कर्मचारी बेहद कम वेतन पर काफी खतरनाक स्थितियों में काम करते हैं इसके बाद भी उनके काम का कोई सम्मान नहीं होता। इसके साथ ही इस याचिका में उनके काम करने की हालत को गुलाम या बंधुआ मजदूरों से भी बदतर बताया गया है। यह याचिका 'दलित आदिवासी शक्ति अधिकार मंच' ने दायर की है, जिस पर सुनवा...