समस्तीपुर, अप्रैल 12 -- पूसा। कृषि विज्ञान केन्द्र, बिरौली के प्रमुख वैज्ञानिक डॉ.आरके तिवारी ने बताया की मौसम की मार झेल चुके किसानो के लिए गेहूं की दौनी एवं उसकी बिक्री बड़ी चुनौती है। यह प्रायः प्रति वर्ष किसान झेलते हैं। इस वर्ष भी कटनी के कुछ दिन पूर्व तेज हवा व वर्षा से काफी खेतो में गेहूं की फसल गिर गई। एैसे में मशीन से काट पाना मुश्किल हो गया। तो गेहूं की कटनी के लिए मजदूरो की कमी से किसान जूझ रहे है। मजबूरी में किसान अधिक मजदूरी देकर करीब छह माह की मेहनत को बचाने का प्रयास करते है। पैक्सो की खरीद की स्थिति बदहाल है। एैसे में किसानो को अन्य विकल्पो को तलाशना जरूरी है। गेहूं का बीज उत्पादन का कार्य प्रारंभ कर सकते हैं। इसमें विवि सहयोग कर रहा है। इससे वे 25 से 30 प्रतिशत तक अधिक लाभ कमा सकते हैं। इसके अलावा समूह बनाकर या एफपीओ के सह...