वेद वाणी को स्वयं के आचरण में उतारें: ओंकारानंद
सहारनपुर, मार्च 30 -- सहारनपुर। बेहट रोड स्थित वेद मंदिर में आर्य समाज द्वारा आयोजित 11 दिवसीय ऋग्वेद पारायण यज्ञ का विधिवत समापन पूर्णाहुति के साथ किया गया। इस अवसर पर स्वामी ओंकारानंद सरस्वती ने वेदों के संदेश को जीवन में उतारने पर जोर दिया। शिमला से पधारे अंतरराष्ट्रीय वैदिक प्रवक्ता स्वामी ओंकारानंद सरस्वती ने कहा कि वेदों की वाणी केवल सुनने के लिए नहीं, बल्कि उसे अपने आचरण में अपनाना आवश्यक है। उन्होंने ऋग्वेद के प्रथम मंत्र का उल्लेख करते हुए बताया कि उसमें अग्नि की उपासना का वर्णन है, जो प्रकाश, ऊष्मा और परोपकार का प्रतीक है। इन गुणों को मनुष्य को अपने जीवन में धारण करना चाहिए, जिससे उसका व्यक्तित्व और समाज दोनों समृद्ध बन सकें। उन्होंने कहा कि आर्य समाज के सिद्धांत मनुष्य को निस्वार्थ सेवा और परोपकार की भावना सिखाते हैं। समाज के स...
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