आगरा, जनवरी 19 -- आर्य समाज मंदिर जयपुर हाउस में श्रीमद्भागवत गीता व्याख्यान और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्य वक्ता डा. सतीश चंद्र शर्मा ने गीता से जुड़ी अहम जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि शुद्ध श्रीमद् भगवद् गीता में शोध एवं प्रमाणों के आधार पर केवल 362 शुद्ध श्लोकों को स्वीकार किया गया है, जो वास्तव में गीता का मौलिक स्वरूप प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने बताया कि मेडिकल साइंस के अध्ययन के दौरान उनके भीतर आध्यात्मिक चेतना का बीज पड़ा। महर्षि दयानंद सरस्वती की सत्यार्थ प्रकाश ने उन्हें वैदिक दर्शन को वैज्ञानिक दृष्टि से समझने की दिशा दी। इसके पश्चात उन्होंने वर्षों तक वेद, वेदांग, उपनिषद्, स्मृति और श्रुति ग्रंथों का गहन अध्ययन विद्वानों के सानिध्य में किया। अध्ययन के बाद उन्हें जानकारी हुई कि श्रीमद् भगवद् गी...
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