लोहरदगा, सितम्बर 2 -- लोहरदगा, संवाददाता। प्राकृतिक पर्यावरण की सुरक्षा एवं शुद्धता के लिए हवन-यज्ञ प्राचीन भारतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण एवं वैज्ञानिक परंपरा है। हवन के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। यह बातें गुरुकुल शांति आश्रम के प्रमुख आचार्य शरच्चंद्र आर्य ने कहीं। गुरुकुल शांति आश्रम के तत्वावधान में आयोजित वेद प्रचार सप्ताह के तहत बदला गांव में हवन, प्रवचन एवं संगीत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आर्य वीरांगनाओं एवं बालवाड़ी शिक्षिकाओं के मार्गदर्शन मेंग्रामीणों और बच्चों को वेदों की जानकारी दी गई तथा विधिवत हवन कराया गया। कार्यक्रम में बालवाड़ी के विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं ग्रामीणों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया। मौके पर कहा गया की भारतीय संस्कृति में हवन के माध्...