मुरादाबाद, अप्रैल 5 -- आर्य समाज बुद्धि विहार की ओर से आयोजित तीन दिवसीय श्रीराम कथा व वेद कथा का रविवार को तीसरे दिन विश्राम दिया गया। पहले दिन वैदिक रीति से यज्ञ संपन्न कराया। इसके बाद आर्य मनीषी सुमित्र अगिंस्त ने श्रीराम कथा का शेष भाग सुनाते हुए बताया कि जब महर्षि वाल्मीकि ने देवश्रृषि नारद से पृथ्वी लोक पर श्रेष्ठतम् राजा के बारे में जाना तो देव श्रृषि नारद ने श्रीराम का ही नाम लेकर बताया था। इस प्रथ्वीलोक पर केवल चक्रवर्ती सम्राट अयोध्या में राजा जनक के पुत्र श्रीराम ही ऐसे पुरुष हैं जिनके आदर्श जीवन पर यदि ग्रंथ लिखा गया तो भविष्य के लिए वह ग्रंथ जनमानस के लिये एक आदर्श और प्रेरणादायक स्थापित हो सकता है। इस मौके पर तीनों दिन बने यज्ञमानों को आचार्य ने सम्मानित किया। आयोजन की अध्यक्षता प्रधान अम्बरीष त्यागी ने की व संचालन पं लालकिश...