औरैया, अप्रैल 30 -- दिबियापुर, संवाददाता। औद्योगिक नगरी दिबियापुर के बैसुन्धरा क्षेत्र में आयोजित तीन दिवसीय वैदिक सम्मेलन का समापन शुक्रवार को हुआ। समापन अवसर पर खतौली मुजफ्फरनगर से आए आचार्य अरुण आर्य ने वेद-शास्त्र को समाज की सबसे बड़ी धरोहर बताते हुए कहा कि इनके अध्ययन और मनन से समाज में बैमनस्य दूर होता है और लोग सुख-शांति के साथ जीवन व्यतीत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि वेदों में वर्णित ज्ञान ही भगवत पुराणों का सार है, जिसे महर्षि दयानंद सरस्वती ने अपनाकर समाज को नई दिशा दी। आचार्य ने लोगों से वैदिक परंपराओं को अपनाने और जीवन में उतारने का आह्वान किया। सम्मेलन में पूर्व प्राचार्य डॉ. अजब सिंह यादव ने कहा कि वैदिक पद्धति के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर-परिवार में नियमित हवन-पूजन करना चाहिए और बड़ों का आदर-सम्मान करना चाहिए। उन्हों...