नई दिल्ली, मई 19 -- माइनिंग और मेटल कंपनी वेदांता (Vedanta) का बहुप्रतीक्षित डिमर्जर आखिरकार पूरा हो गया है। इस ऐतिहासिक बदलाव के बाद अब वेदांता के निवेशकों को इसकी चार नई कंपनियों के शेयर बाजार में लिस्ट होने का बेसब्री से इंतजार है। हाल ही में वेदांता ने एक जरूरी एक्सचेंज फाइलिंग में अपनी इन सभी नई कंपनियों के लिए 'कॉस्ट ऑफ एक्विजिशन' (Cost of Acquisition) यानी शेयर खरीदने की लागत का अनुपात जारी किया है। यह अनुपात इसलिए भी समझना जरूरी है कि निवेशकों को कम से कम यह पता चल सके कि पुराने निवेश का मूल्य अब किस तरह अलग-अलग कंपनियों में बंट गया है और भविष्य में शेयर बेचने पर टैक्स का हिसाब कैसे लगेगा? यह भी पढ़ें- डिफेंस शेयर का नया रिकॉर्ड, 2900% की तूफानी तेजी, दोगुना से ज्यादा बढ़ा मुनाफा यह भी पढ़ें- युद्ध के 80 दिन बाद ईरान ने खोला बाजार...