गिरडीह, अक्टूबर 27 -- बगोदर। भगवान सूर्य के प्रति इस प्रकार की आस्था एक भक्त में थी कि रिटायरमेंट का पैसा मंदिर निर्माण में खर्च कर दिया। इतना ही नहीं मंदिर निर्माण के लिए उन्होंने अपने वेतन से रुपए भी बचा कर रखते थे और मंदिर निर्माण में रुपए को लगाते चले गए। मंदिर निर्माण करनेवाले तो अब इस दुनिया में नहीं रहे मगर उनके द्वारा बनाए गए मंदिर आज श्रद्धा और आस्था का केंद्र बना हुआ है। बगोदर के हरिहरधाम के निकट जमुनिया नदी के किनारे स्थित सूर्य मंदिर निर्माण से यह कहानी जुड़ी हुई है। इस मंदिर का निर्माण मंझलाडीह निवासी पारो मिस्त्री के द्वारा की गई है। वे लोको पायलट थे। वेतन में जो रुपए मिलते थे उससे बचत कर रखे गए रुपए और रिटायरमेंट से मिले रुपए से उन्होंने मंदिर का निर्माण किया था। मंदिर निर्माण में लगभग 10 साल लगे थे। मंदिर निर्माण के बाद 20...
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