रुद्रपुर, सितम्बर 8 -- सितारगंज, संवाददाता। उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन ने मंगलवार को उप जिला चिकित्सालय में धरना दिया। बाद में अधीक्षक डॉ. कुलदीप यादव के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। आशा कार्यकर्ताओं ने राज्य कर्मचारी का दर्जा देने समेत कई मांगें उठाईं।

आशा कार्यकर्ताओं की मजबूरियाँ यूनियन की अनिता अन्ना ने कहा कि आशा कार्यकर्ताओं के श्रम का लगातार शोषण हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत आशाओं को न तो राज्य कर्मचारी का दर्जा मिला है और न ही सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन दिया जाता है। आशाओं से स्वास्थ्य विभाग के साथ ही अन्य विभागों के कई कमीशन आधारित कार्य भी कराए जाते हैं।

मुख्यमंत्री से आश्वासन उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने आशाओं के प्रतिनिधिमंडल को मासिक मानदेय निर्धारित करने का आश्वासन दिया था, लेकिन यह पू...