मधुबनी, जनवरी 25 -- बेनीपट्टी, निज प्रतिनिधि। शिवम एवं आयूष को एक ही चिता पर बदनसीब बूढे दादा ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की रस्में पूरी की। कारूणिक स्थिति में ग्रामीणों ने दादा को हिम्मत दिलाते हुए इस अंतिम रस्म को पूरा कराया। दर्जनों की संख्या में श्मशान में उपस्थित लोग अपनी आंखों से आंसू को नहीं रोक पा रहे थे। घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली से घर पहुंचे पिता विपिन कुमार मिश्रा को देखते परिजनों की चित्कार पूरे गांव को एकत्रित कर दिया। पुलिस की तत्परता से रात में ही शव का पोस्टर्माटम करा लिया गया था। रविवार की सुबह करीब ग्यारह बजे अंतिम संस्कार की प्रक्रियाएं पूरी की गई। इस गमगीण वातावरण में दूसरे दिन बररी के कई घरों में चूल्हा नहीं जले। सरस्वती जी की मूर्ति भसान की रस्में पूरी कर माता का जल प्रवाह कर दिया गया। हर दरवाजे पर बस एक ही बा...