मथुरा, सितम्बर 28 -- संस्कृति संरक्षण को समर्पित वृंदावन शोध संस्थान में रविवार को 11 दिवसीय सांझी महोत्सव का शुभारंभ हुआ। महोत्सव के प्रथम दिन रंग, पुष्प, जल एवं पारंपरिक गोबर साँझी का प्रस्तुतिकरण एवं ब्रज की साँझी परंपरा पर एकाग्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। ब्रज की सांझी संगोष्ठी के दौरान ब्रज संस्कृति विशेषज्ञ डॉ. चन्द्रप्रकाश शर्मा ने कहा कि ब्रज में सांझी उत्सव का विशेष महत्व है। यह चित्रकला का विशिष्ट रूप है। इसकी रचना गाय के गोबर, फूल एवं रंगों से की जाती है। नई पीढ़ी इस कला से दूर होती जा रही है। नई पीढ़ी को इससे जोड़ा जाना आवश्यक है। प्रिंस ऑफ वेल्स म्यूजियम मुम्बई की पूर्व क्यूरेटर डॉ. कात्यायनी अग्रवाल ने बताया कि आज नई पीढ़ी को सांझी से जुड़ने के लिए आगे आने की आवश्यकता है। देश भर के विभिन्न शहरों में साँझी कला को लेकर कार्यशाला...