शामली, जनवरी 5 -- श्री नारायण कुटुंब ट्रस्ट के तत्वावधान में वृंदावन में शामली के प्रसिद्ध कथा वाचक चंचल शर्मा ने श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह के दूसरे दिन श्रद्धा, भक्ति और वैराग्य का अनुपम संगम बिखेरा। कथा व्यास आचार्य चंचल शर्मा ने भीष्म स्तुति एवं राजा परीक्षित को प्राप्त श्राप के प्रसंग की अत्यंत भावपूर्ण और सारगर्भित व्याख्या कर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। आचार्य चंचल शर्मा ने भीष्म पितामह के जीवन चरित्र का वर्णन करते हुए धर्मनिष्ठा, त्याग और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अटूट समर्पण का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार भीष्म पितामह ने जीवन के अंतिम क्षणों में भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण कर परम गति प्राप्त की, जो प्रत्येक मानव के लिए अनुकरणीय आदर्श है। राजा परीक्षित को प्राप्त श्राप के प्रसंग पर प्रकाश डालते हुए उन्होने वाणी की मर्या...