फरीदाबाद, जुलाई 2 -- नूंह, अभिषेक शर्मा। विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियमको लेकर गुरुवार को डीआरडीए सभागार में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला परिषद अध्यक्ष जान मोहम्मद ने कहा कि यह अधिनियम विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने की दिशा में अहम कदम है और इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार तथा आधारभूत सुविधाओं का विस्तार होगा। उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को 100 दिन का रोजगार मिलता था, जबकि नए अधिनियम के तहत इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। साथ ही मजदूरी का भुगतान अब 15 दिन के बजाय अधिकतम एक सप्ताह के भीतर सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में किया जाएगा। यह भी पढ़ें- बिहार में लागू हो गई वीबीजीरामजी योजना, मंत्री बोले- अब बिहार को 4500 करोड़ देना होगा, पहले ज...