लखनऊ, सितम्बर 2 -- दिन में तीन बार हाजिरी का नया प्रावधान लागू हो गया है। ऐसे में जो श्रमिक अपने हिस्से का काम सुबह ही करके किसी अन्य काम की तलाश में जाना चाहे तो संभव नहीं है। महंगाई के दौर में महज 300 सौ रुपए दिहाड़ी पर श्रमिक मिलना आसान नहीं है। कहीं अन्य जगह काम करने पर उसे चार-पांच सौ रुपए आसानी से मिल जा रहा है। यह सवाल बुधवार को विकास भवन में बीवीजीरामजी (पहले मनरेगा) योजना को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में प्रधानों ने उठाया। अधिकारी इस सवाल का स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। दरअसल लखनऊ में बीवीजीरामजी योजना में लाभार्थियों की संख्या पिछले पांच वर्षों में लगभग 80 प्रतिशत कम हो गयी है। लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए जिला स्तर पर कवायद शुरू की गई है। बुधवार को विकास भवन में प्रधानों को योजना के बारे में ...