जमशेदपुर, मार्च 23 -- झारखंड में सरकारी और निजी संस्थानों को लगातार मिल रही बम से उड़ाने की धमकियों ने पुलिस तंत्र की तकनीकी सीमा को उजागर कर दिया है। अबतक पुलिस धमकी देने वालों की पहचान नहीं कर पाई है। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि अधिकांश धमकी भरे ईमेल वीपीएन और डार्क वेब के जरिए भेजे जा रहे हैं, जिससे आरोपियों की वास्तविक पहचान और लोकेशन तक पहुंचना बेहद कठिन हो जाता है। वीपीएन (वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क) उपयोगकर्ता की असली आईपी एड्रेस और लोकेशन को छिपा देता है। ऐसे में पुलिस को केवल उस वीपीएन सर्वर का आईपी एड्रेस मिलता है, जो अक्सर विदेशों में स्थित होता है। इससे जांच प्रक्रिया जटिल हो जाती है और सही व्यक्ति तक पहुंचने में काफी समय लगता है। डार्क वेब के मामलों में चुनौती और बढ़ जाती है, क्योंकि वहां डेटा पूरी तरह एन्क्रिप्टेड नेटवर्क...