बगहा, जून 4 -- हरनाटाड़,एसं। वाल्मीकि टाइगर रिजर्व के पक्षी आश्रयणियों से प्रवासी पक्षी अच्छी यादें लेकर दुनिया के अलग अलग देशों में लौट रहे हैं। हर साल की तरह गत दिसंबर में भी साइबेरिया, तिब्बत, चीन,और नेपाल से वीटीआर में रंग-बिरंगे मेहमान पक्षी आए। वीटीआर और उदयपुर वन आश्रयणी के जंगल व तालाब चार महीने तक मेहमान पक्षियों के कलरव से आबाद रहा। कोरोना काल जैसे महामारी में भी वीटीआर व उदयपुर वन आश्रयणी विदेशी पक्षियों से गुलजार रहा। इनमें से कई पक्षी वीटीआर के वनक्षेत्रों में अनुकूलित वातावरण मिलने पर अपना अधिवास बना लिया है। इससे वीटीआर के जैव विविधता बढ़ी है। दर्जनों तरह के पक्षी समेत विलुप्त होनेे वाले जीव-जंतु वीटीआर के जंगलों में मिले हैं। यह भी पढ़ें- वीटीआर आश्रयणियों की ब्रांडिंग करेंगे पक्षी विलुप्त होने के कगार पर पहुंचे गिद्धों की न...