कानपुर, फरवरी 27 -- कानपुर। गीता के ज्ञान को छात्रों तक पहुंचाने के लिए छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के श्रीमद्भगवद्गीता एवं वैदिक शोध पीठ और वीएसएसडी कॉलेज के बीच शुक्रवार को एमओयू हुआ। कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में शोध पीठ के निदेशक प्रो. राजेश कुमार द्विवेदी को प्रथम 'गीता सेवा रत्न' सम्मान से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रो. आरेक द्विवेदी ने कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता का संदेश वर्तमान दौर में पहले से अधिक प्रासंगिक है। गीता के उपदेश युवाओं और छात्र-छात्राओं को तनाव, निराशा और अवसाद से बाहर निकालने में सहायक है। साथ ही, जीवन को सही दिशा देते हैं। वरिष्ठ समाजसेवी एवं उद्यमी बलराम नरूला ने कहा कि गीता किसी एक धर्म का ग्रंथ नहीं, बल्कि संपूर्ण मानव जीवन का मार्गदर्शक है। डॉ. उमेश पालीवाल और सह-संयोजक अ...