नई दिल्ली, अगस्त 19 -- नई दिल्ली। दिल्ली उच्च न्यायालय ने राजधानी में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान बेघर लोगों व तोड़फोड़ अभियान के कारण विस्थापित हुए लोगों को मतदाता सूची में शामिल करने की मांग वाली जनहित याचिका पर बुधवार को फैसला सुरक्षित रख लिया। उच्च न्यायालय ने मौखिक टिप्पणी में कहा कि हर जिम्मेदारी अदालत पर नहीं डाली जा सकती। अदालत नीति के क्रियान्वयन की निगरानी नहीं करेगी। मुख्य न्यायाधीश देवेन्द्र कुमार उपाध्याय व न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ ने कहा कि संबंधित संवैधानिक संस्थाओं को अपने संवैधानिक दायरे में इस समस्या का समाधान करने के लिए व्यवस्था विकसित करनी होगी। याचिका इंदु प्रकाश सिंह ने दायर की। इसमें मांग की गई है कि ऐसे लोगों के लिए विशेष सहायता व्यवस्था बनाई जाए, ताकि स्थायी पता नहीं होने के कारण उनका नाम...