रांची, जनवरी 29 -- रांची। हिन्दुस्तान ब्यूरो असम राज्य में झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल क्षेत्र से विस्थापित होकर बसे लाखों आदिवासी वर्षों से पहचान, भूमि अधिकार, रोजगार, उचित मानदेय एवं सामाजिक सुरक्षा जैसे बुनियादी अधिकारों से वंचित हैं। स्थानीय सरकारों द्वारा इन आदिवासी समुदायों की उपेक्षा लगातार जारी है, जिससे असंतोष गहराता जा रहा है। इन्हीं ज्वलंत मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाने के उद्देश्य से ऑल असम आदिवासी स्टूडेंट्स एसोसिएशन द्वारा एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, जिसमें झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष, मुख्यमंत्री झारखंड, हेमंत सोरेन को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। यह मंच असम के आदिवासी समाज की पीड़ा, संघर्ष और न्यायपूर्ण मांगों को मुखर रूप से सामने लाने का माध्यम बनेगा। गौरतलब है...