हजारीबाग, जुलाई 11 -- हजारीबाग, नगर प्रतिनिधि। झारखंड किसान सभा एवं झारखंड राज्य विस्थापित संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष तथा पूर्व सांसद बीपी मेहता ने राज्य में बढ़ते विस्थापन, भूमि अधिग्रहण और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड में जल, जंगल और जमीन की लूट हो रही है। वन क्षेत्रों में कोल ब्लॉकों के आवंटन से जंगलों की कटाई, पर्यावरण प्रदूषण और वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास प्रभावित हो रहा है।उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों की रैयती एवं उपजाऊ जमीनों का अधिग्रहण किया जा रहा है, लेकिन प्रभावितों को भूमि अधिग्रहण कानून-2013 के तहत उचित मुआवजा और पुनर्वास की सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने राज्यव्यापी उलगुलान का ऐलान करते हुए कहा कि जुलाई के अंतिम सप्ताह में रांची में विभिन्न विस्थापन विरोधी संगठ...