बेगुसराय, मार्च 8 -- बेगूसराय, हिन्दुस्तान संवाददाता। कहते हैं जिंदगी की समस्याएं इंसान को जितना सिखाती हैं, कोई स्कूल या कॉलेज उतना नहीं सिखा पाता। अपने जीवन में कई विषम परिस्थितियों से जूझते हुए मंझौल की बहू व साहेबपुरकमाल प्रखंड के चौकी गांव की बेटी शशिकला ने कई मुकाम हासिल किए। शशिकला अभी बिहार सरकार के सहकारिता विभाग में सहायक निबंधक के पद पर कार्यरत हैं। इनके भाई संजय उर्फ संजीव ने बताया कि शशिकला बचपन से ही पढ़ने-लिखने में तेज-तर्रार थीं। हालांकि, उस दौर में बेटियों को बहुत पढ़ाया-लिखाया नहीं जाता था। 13-14 साल की होते-होते वे ब्याह दी जाती थीं। मैट्रिक के बाद शशिकला की शादी मंझौल निवासी कल्लर साह के बड़े पुत्र रामदेव साहू से हो गई। रामदेव साहू राजस्व कर्मचारी थे। उनका भरपूर सहयोग मिलने के कारण शशिकला ने शादी के बाद पोस्ट ग्रेजुएट की ...