बांदा, मई 9 -- बांदा, संवाददाता। दुनिया में सबसे बड़ा रिश्ता मां का होता है। वह अपनी संतान के लिए हर पग पर ढाल बनकर खड़ी होती हैं। उन्हें बेहतर परिवरिश और ऊंचा मुकाम दिलाने से लेकर अंतिम सांस तक ताकत बनकर खड़ी रहती हैं। इन्हीं माताओं में पूनम और सुमित्रा भी शामिल हैं। पति की मौत के बाद पूनम ने जहां अपनी सरकारी ड्यूटी पूरी ईमानदारी से निभाई, वहीं बच्चों के लिए कवच बनकर खड़ी रहीं। वहीं दस साल पहले एक साथ अपने ससुर और पति दोनों को खो दिया। विषम परिस्थितियां भी उनका हौसला नहीं डिगा पाईं। बच्चों को अच्छी परिवरिश देने के साथ उन्हें अच्छा मुकाम दिलाया। उनका बेटा सेना में अफसर बनकर देश के लिए सेवाएं दे रहा है। आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान ने जनपद में कुछ ऐसी माताओं से बातचीत की, जो समाज के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं हैं। यह भी पढ़ें- संघर्ष और मम...