सिद्धार्थ, अप्रैल 11 -- इटवा। विश्व होम्योपैथिक दिवस पर शुक्रवार को इटवा स्थित शर्मा होम्योपैथिक चिकित्सालय एंड रिसर्च सेंटर में होम्योपैथी के जनक डॉ. सैमुअल हैनीमन की जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में चिकित्सकों ने उनके योगदान को याद करते हुए होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति के महत्व पर प्रकाश डाला। डॉ. भास्कर शर्मा ने कहा कि डॉ. हैनिमन का नाम चिकित्सा इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है। उन्होंने वर्षों के गहन अनुसंधान और कठिन परिश्रम से समानता के सिद्धांत पर आधारित होम्योपैथी पद्धति का विकास किया, जो आज विश्वभर में प्रभावी और सुरक्षित चिकित्सा विकल्प के रूप में स्थापित है। उन्होंने बताया कि इस पद्धति से कई जटिल और असाध्य रोगों का भी सरलता से उपचार संभव है। कार्यक्रम के दौरान चिकित्सकों ने पुष्प अर्पित कर डॉ. हैनिमन क...