धनबाद, अप्रैल 3 -- झरिया। बस्ताकोला स्थित दिव्यांग जनों के विशेष विद्यालय सह शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान में गुरुवार को विश्व स्वालीनता (ऑटिज्म) जागरूकता दिवस मनाया गया। इस अवसर पर व्याख्याता एके सिंह ने बताया कि ऑटिज्म कोई बीमारी नहीं, बल्कि एक विकासात्मक स्थिति है। जिसे स्पीच, बिहेवियर और फिजिकल थेरेपी के माध्यम से बेहतर बनाया जा सकता है। उन्होंने इसके लक्षणों और उपचार पर विस्तार से प्रकाश डाला। मौके पर प्रशिक्षु छात्र-छात्राओं के साथ सुनीता, निकिता, बीरचंद, शिवानी, राहुल, रेहान, अन्नू समेत कई दिव्यांग बच्चे व अभिभावक उपस्थित थे।

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