हल्द्वानी, जून 1 -- विश्व दुग्ध दिवस आज : हल्द्वानी। सरकारी नौकरी की तैयारी में शहरों में कई साल बिताने वाले रामगढ़ ब्लॉक के सूपी गांव निवासी 25 वर्षीय प्रशांत बिष्ट आज पहाड़ के युवाओं के लिए नई प्रेरणा बन गए हैं। विश्व दुग्ध दिवस (1 जून) के अवसर पर उनकी सफलता यह संदेश देती है कि आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक सोच के साथ डेयरी व्यवसाय भी रोजगार और आय का मजबूत माध्यम बन सकता है। यह भी पढ़ें- विश्व दुग्ध दिवस: खतरे में सेहत: दूध नहीं यूरिया, डिटर्जेंट से बना दूध पी रहे हैं आपस्वरोजगार का रास्ता स्नातक के बाद लंबे समय तक प्रशांत ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की, ट्यूशन पढ़ाया, लेकिन अंतत: गांव लौटकर स्वरोजगार का रास्ता चुना। करीब दो साल पहले मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत ऋण लेकर उन्होंने आधुनिक डेयरी फार्म स्थापित किया। वर्तमान में उनके फार्...