सीतामढ़ी, मई 31 -- सीतामढ़ी। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर ओरल एवं डेंटल सर्जन डॉ. रौनक मंजीत ने लोगों को तंबाकू सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि तंबाकू आज मुंह के कैंसर का सबसे बड़ा कारण बन चुका है और मुंह के कैंसर के करीब 80 प्रतिशत मामलों के पीछे तंबाकू सेवन जिम्मेदार है। यह भी पढ़ें- तंबाकू और बीड़ी सिगरेट से बढ़ रहे ओरल कैंसर के ज्यादा मरीजतंबाकू के हानिकारक प्रभाव उन्होंने बताया कि गुटखा, खैनी, पान मसाला, बीड़ी, सिगरेट और हुक्का जैसे तंबाकू उत्पाद मुंह और दांतों को सीधे नुकसान पहुंचाते हैं। इनमें मौजूद निकोटीन और अन्य हानिकारक रसायन मुंह की कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त कर देते हैं। इसके परिणामस्वरूप दांतों का पीला पड़ना, मसूड़ों से खून आना, मुंह से दुर्गंध आना, दांतों का कमजोर होना और म...