गोरखपुर, मार्च 22 -- गोरखपुर, मुख्य संवाददाता। गोरखपुर जनपद के नदियों और झीलों के घिरे होने के कारण भूगर्भ जल का विशेष संकट नहीं रहा है। लेकिन पिछले चार साल में 0.65 से 1.5 मीटर तक गिरा जलस्तर खतरे की घंटी माना जा सकता है। गर्मियों में बारिश के पूर्व जल स्तर जहां 05.30 मीटर से 10 मीटर तक रहता है, वहीं, जाड़े के सीजन में बढ़ कर 2.80 मीटर से 07 मीटर तक ऊपर आ जाता है। लेकिन दोनों सीजन में गिरावट देखे तो भूगर्भ जल स्तर में दर्ज होने वाली गिरावट कान खड़े करने वाली है। वाटर हार्वेस्टिंग के प्रति उपेक्षा, बहुमंजिला इमारतों की डी-वॉटरिंग और जलापूर्ति एवं अन्य कार्यो में भूमिगत जल का अंधाधुंध इस्तेमाल पर कोई लगाम नहीं है। हेरिटेज फाउंडेशन के ट्रस्टी अनिल तिवारी कहते हैं कि वाटर हार्वेस्टिंग, बारिश के जल के संचयन पर जोर देने की जरूरत है। तभी जल है ...