नई दिल्ली, मार्च 26 -- राजधानी के स्वामीनारायण अक्षरधाम मंदिर में गुरुवार को भगवान स्वामीनायारण (नीलकंठ वर्णी) की 108 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा का प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव श्रद्धा और वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था (बीएपीएस) ने दावा किया है कि यह विश्व की सबसे ऊंची 'एक चरण पर खड़ी' ध्यानमग्न मुद्रा में स्थापित प्रतिमा है। इस प्रतिमा के लग जाने के बाद अक्षरधाम मंदिर का आकर्षण और अधिक बढ़ गया है। भगवान स्वामिनारायण के बाल तपस्वी स्वरूप नीलकंठ वर्णी को दर्शाती यह प्रतिमा वैराग्य, तप और आध्यात्मिक साधना का प्रतीक है। समारोह में बीएपीएस के प्रमुख महंत स्वामी महाराज की उपस्थिति रही, जिनके सान्निध्य में वैदिक अनुष्ठानों की शुरुआत हुई। मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी थी।...