रांची, जनवरी 14 -- रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। हेमंत सरकार का मानना है कि झारखंड जैसे राज्य के लिए विश्व आर्थिक मंच में भागीदारी महज वैश्विक संवाद तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत के लिए एक टर्निंग प्वाइंट के संकेत हैं। देश में खनिजों से संपन्न राज्यों में झारखंड अग्रणी स्थान रखता है। यहां कोयला, लौह अयस्क, तांबा, यूरेनियम और क्रिटिकल मिनरल्स के व्यापक भंडार हैं, जो भारत के औद्योगिक, ऊर्जा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सरकार का कहना है कि समृद्ध पारिस्थितिक तंत्र और आदिवासी बहुलता के कारण सतत एवं समावेशी विकास झारखंड की विकास यात्रा का मूल आधार है। ऐसे में झारखंड के लिए दावोस केवल औपचारिक भागीदारी का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह वह स्थान है, जहां निवेश की संभावनाएं आकार लेती हैं, रणनीतिक गठबंधन बनते हैं और विकास...
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