धनबाद, अप्रैल 6 -- ईसाई समुदाय के सबसे महत्वपूर्ण पर्व ईस्टर संडे पर रविवार को जिलेभर में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया। सुबह तड़के ही जोड़ाफाटक कब्रिस्तान में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु जुटे और अपने पूर्वजों की कब्रों पर मोमबत्तियां जलाकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। सुबह करीब चार बजे से शुरू हुए इस अनुष्ठान में बारिश के बावजूद लोगों की आस्था कम नहीं हुई और उन्होंने पूरे विधि-विधान से प्रार्थना संपन्न की। ईस्टर संडे प्रभु यीशु मसीह के पुनरुत्थान का प्रतीक है, जिसे गुड फ्राइडे के तीसरे दिन मनाया जाता है। मान्यता है कि क्रूस पर चढ़ाए जाने के बाद प्रभु यीशु मृतकों में से जी उठे थे, जिसकी खुशी में यह पर्व मनाया जाता है।चर्च में विशेष प्रार्थना सभाइसके बाद सुबह छह बजे स्टेशन रोड स्थित संत मेरी चर्च (सीएनआई) में विशेष आराधना ...