नई दिल्ली, दिसम्बर 14 -- बात 1920 के आस-पास की है। प्रसिद्ध अमेरिकी उद्योगपति हेनरी फोर्ड के रिवर रूज प्लांट में एक विशाल जेनरेटर अचानक बंद हो गया। फोर्ड की अपनी इंजीनियरिंग टीम भी समस्या पकड़ नहीं पाई। तब बुलाया गया चार्ल्स स्टाइनमेट्ज को। वह उस समय अमेरिका के जीनियस इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे। स्टाइनमेट्ज केवल एक नोटबुक, पेन और एक फोल्डिंग खाट लेकर पहुंचे। दो दिन दो रात तक उन्होंने मशीन की हर आवाज, हर कंपन को महसूस किया और वह जटिल गणनाएं करते रहे। फिर वह सीढ़ी लेकर जेनरेटर के ऊपर चढ़े, एक खास जगह पर निशान लगाया और टीम को ठीक उस जगह से 16 तारों की कुंडली खोलने का निर्देश दिया। वे तार एक-दूसरे में गुथ गए थे। बस, इतना करते ही जेनरेटर फिर से चल पड़ा, एकदम सही तरीके से! कुछ दिनों बाद हेनरी फोर्ड को स्टाइनमेट्ज का बिल मिला- दस हजार डॉलर। उन दिनो...