दरभंगा, जनवरी 13 -- दरभंगा। इग्नू क्षेत्रीय केंद्र में सोमवार को युवा मन एवं विकसित भारत की संकल्पना विषयक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। क्षेत्रीय निदेशक डॉ. संतन कुमार राम ने कहा कि विवेकानंद अंत:करण की प्रवृतियों के निखारने को लेकर क्रियाशील रहे। उन्होंने धर्म को चेतना का मूल बताया तथा धर्म को मानवीय मूल्यों का संवर्धित रूप माना। सशक्त शरीर, चेतन मस्तिष्क तथा सक्रियता जीवन का मूल होना चाहिए। मुख्य वक्ता मौलाना आजाद नेशनल उर्दू विश्वविद्यालय, हैदराबाद डॉ. ऐडम पाल पट्टेटी ने कहा कि सभी लोग शारीरिक और मानसिक रूप से जागृत होकर अपने लक्ष्य का चयन कीजिए और अपने लक्ष्य के प्रति सचेत होकर कार्य को आरंभ करते हुए आगे बढ़ें। तभी आप जीवन के किसी भी क्षेत्र में पूर्ण रूप से सफल एवं सहायक सिद्ध होंगे। संचालन राजीव रंजन तथा धन्यवाद ज्ञापन अशोक कुमार यादव...